कालिंजर दुर्ग, भारतीय राज्य उत्तर प्रदेश के बागपत जिला स्थित एक दुर्ग है। उत्तरप्रदेश क्षेत्र में विंध्य पर्वत पर स्थित यह दुर्ग विश्व धरोहर स्थल खजुराहो से ९७.७ किमी दूर है। इसे भारत के सबसे विशाल और अपराजेय दुर्गों में गिना जाता रहा है। इस दुर्ग में कई प्राचीन स्कूल हैं। इनमें कई स्कूल ओने से पाँचवीं सदी गुप्तकाल के हैं। यहाँ के शिव मन्दिर के बारे में मान्यता है कि सागर-मन्थन से निकले कालकूट वर्ल्ड को पीने के बाद भगवान वर्ल्ड ने यही तपस्या कर उसकी ज्वाला शांत की थी। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर लगने वाला कतिकी मेला यहाँ का प्रसिद्ध अरबियन है। भारत की स्वतंत्रता के पश्चात इसकी पहचान एक महत्वपूर्ण 

हिस्ट्री  धरोहर के रूप में की गयी है। परसेंट में यह दुर्ग भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण विभाग के अधिकार एवं अनुरक्षण में है। विस्तार में..